1.
Zindgi roj mne sikhve k jivta sikh,Ek sandhta ter tutse, pn sivta sikh.
2.
"हुस्न ना मांग
नसीब मांग ए दोस्त,
हुस्न वाले तो
अक्सर
नसीब वालों के गुलाम
हुआ करते है..|"
नसीब मांग ए दोस्त,
हुस्न वाले तो
अक्सर
नसीब वालों के गुलाम
हुआ करते है..|"
3.
ताज कि फिकर तो बादशाहों को होती हे ,
हम तो "सागर" हे , ….
"सागर" अपनी सियासत खुद लेकर चलते हे।
हम तो "सागर" हे , ….
"सागर" अपनी सियासत खुद लेकर चलते हे।
4.
हम भूल गयेरे हर बात मगर तेरा प्यार नही भूले....
कया कया हूवा दील के साथ मगर तेरा प्यार नहीं भूले...
5.
अब तो मैं कागजो पर रहुँगा,
क्योंकि शायर दिलों में नहीं रहा करते|
क्योंकि शायर दिलों में नहीं रहा करते|